Saturday, July 25, 2026

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मानसून सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में जोरदार हंगामा, वेदांता हादसे पर विपक्ष का वॉकआउट

रायपुर।छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन हंगामे और तीखी राजनीतिक बहस के नाम रहा। प्रश्नकाल के दौरान वेदांता पावर प्लांट हादसे, औद्योगिक सुरक्षा, सरकारी कार्यक्रमों में कथित वित्तीय अनियमितताओं और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दिए। वेदांता हादसे को लेकर सरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

वेदांता हादसे पर गरमाया सदन

प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वेदांता हादसे में कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर सरकार से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि क्या भविष्य में सभी औद्योगिक हादसों में उद्योगों के निदेशकों के खिलाफ इसी तरह कार्रवाई होगी या फिर यह मामला अलग है।उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मामले की पुलिस विवेचना जारी है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।

औद्योगिक सुरक्षा और मुआवजे पर भी बहस

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राज्य में औद्योगिक दुर्घटनाओं और सुरक्षा ऑडिट पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच 76 कारखानों का सेफ्टी ऑडिट किया गया, जिनमें 32 अति-खतरनाक श्रेणी के उद्योग शामिल हैं।वेदांता हादसे में मृतकों और घायलों को मुआवजे के मुद्दे पर भी सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। सरकार ने दावा किया कि कंपनी ने मृतकों के परिजनों और घायलों को मुआवजा देने की प्रक्रिया पूरी कर दी है, जबकि विपक्ष ने इस दावे पर सवाल उठाए।

सरकारी कार्यक्रमों के भुगतान पर उठे सवाल

भाजपा विधायक अटल श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में टेंट, साउंड सिस्टम और अन्य व्यवस्थाओं के भुगतान में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन स्थानों पर कार्यक्रम हुए ही नहीं, वहां भी लाखों रुपये के बिल लगाए गए।इस पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सभी भुगतान उचित सत्यापन के बाद ही किए जाएंगे। यदि किसी विशेष मामले में अनियमितता के प्रमाण दिए जाते हैं तो सरकार निष्पक्ष जांच कराएगी।

कांग्रेस के वॉकआउट पर सीएम साय का पलटवार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के वॉकआउट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब भी सदन में महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होती है, कांग्रेस बहिर्गमन का रास्ता अपनाती है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से छत्तीसगढ़ को मिली मुक्ति ऐतिहासिक उपलब्धि है और ऐसे विषयों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।

जल प्रदूषण कानून संशोधन पर संकल्प

सदन में आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) (संशोधन) अधिनियम, 2024 के समर्थन में शासकीय संकल्प प्रस्तुत किया। वहीं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ को राज्य की बड़ी उपलब्धि बताया।

विधानसभा परिसर में पौधरोपण

एक पेड़ मां के नाम 3.0 अभियान के तहत विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रुद्राक्ष का पौधा लगाकर पौधरोपण अभियान की शुरुआत की।

संस्कृति संरक्षण का मुद्दा सत्ता पक्ष ने ही उठाया

भाजपा विधायकों अजय चंद्राकर और धर्मजीत सिंह ने राज्य की ऐतिहासिक धरोहरों और पुरातात्विक अभिलेखों के संरक्षण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के वर्षों बाद भी अभिलेखों का समुचित संरक्षण नहीं हो पाया है। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के सहयोग से संरक्षण कार्य जारी है और रिकॉर्ड से जुड़ी लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।

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