Wednesday, August 26, 2026

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किन्नौर में मॉनसून का कहर फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड से थमा जीवन, NH-5 बंद स्कॉर्पियो समेत दो वाहन मलबे में फंसे

किन्नौर (हिमाचल प्रदेश), 3 जुलाई। हिमाचल प्रदेश में सक्रिय मॉनसून अब लोगों के लिए आफत बनता जा रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। शुक्रवार को किन्नौर जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें सड़कों पर आ जाने से राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) समेत कई संपर्क मार्ग बंद हो गए, जबकि एक स्कॉर्पियो और एक अन्य वाहन मलबे के बीच फंस गए।

जानकारी के अनुसार, किन्नौर जिले के चोलिंग के समीप मीरू नाले में देर रात अचानक फ्लैश फ्लड आ गया। तेज बहाव अपने साथ पहाड़ों से भारी मात्रा में पत्थर, मिट्टी और मलबा लेकर आया, जिसने कुछ ही मिनटों में राष्ट्रीय राजमार्ग-5 को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। सड़क पर मलबा जमा होने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

इसी दौरान एक स्कॉर्पियो और एक अन्य वाहन मलबे के बीच फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ देर के लिए वाहन आगे-पीछे नहीं बढ़ सके। हालांकि राहत की बात यह रही कि वाहन सवार सुरक्षित बाहर निकल आए और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें फ्लैश फ्लड की भयावह तस्वीरें देखी जा सकती हैं।

दूसरी ओर, रिब्बा-कंडे संपर्क मार्ग पर भी भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिससे सड़क पर बड़ी मात्रा में मलबा आ गया और स्थानीय लोगों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई। ग्रामीणों को आवश्यक कार्यों के लिए भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग (PWD) और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से सड़क से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया गया। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके।

किन्नौर के उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड के कारण NH-5 पर यातायात अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है और मौसम अनुकूल रहने पर जल्द ही मार्ग को खोलने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

गौरतलब है कि पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने पूरे हिमाचल प्रदेश में हालात चुनौतीपूर्ण बना दिए हैं। राज्य के कई जिलों में भूस्खलन, सड़क धंसने और फ्लैश फ्लड की घटनाएं सामने आई हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में दर्जनों सड़कें बंद हैं, जिससे परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है। कई क्षेत्रों में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित होने की खबरें हैं।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी करते हुए लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

प्रशासन की अपील

  • खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • नदी, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के पास न जाएं।
  • मौसम विभाग और जिला प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें।
  • किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन विभाग से संपर्क करें।

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