मदुरै: तमिलनाडु के तंजावुर स्थित प्रसिद्ध अभीष्ट वरदराज पेरुमल मंदिर में एक अमेरिकी महिला को प्रवेश से रोके जाने का मामला अब कानूनी रूप से सुलझ गया है। मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने अमेरिकी नागरिक लॉरा फ्रांसिस अयंगर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति आस्था, आचरण और परंपराओं के अनुसार हिंदू धर्म का पालन करता है, तो केवल उसके नाम या विदेशी नागरिकता के आधार पर उसे हिंदू मानने से इनकार नहीं किया जा सकता।
न्यायमूर्ति डी. भरत चक्रवर्ती ने अपने आदेश में तमिलनाडु सरकार के हिंदू रिलीजियस एंड चैरिटेबल एंडाउमेंट्स (HR&CE) विभाग को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को किसी भी हिंदू महिला श्रद्धालु की तरह मंदिर में प्रवेश और पूजा-अर्चना का अधिकार दिया जाए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर की परंपराओं, आगम शास्त्रों और नियमों का पालन करना सभी श्रद्धालुओं के लिए समान रूप से आवश्यक होगा।
क्या है पूरा मामला?
लॉरा फ्रांसिस अयंगर ने अदालत में बताया कि वह कई वर्षों से हिंदू धर्म का पालन कर रही हैं और अपने आधिकारिक वीजा दस्तावेजों में भी स्वयं को हिंदू घोषित कर चुकी हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने इसी मंदिर में एक हिंदू युवक से विवाह भी किया था।
हालांकि, वर्ष 2024 में मंदिर दर्शन के दौरान कुछ श्रद्धालुओं ने उनके प्रवेश पर आपत्ति जताई। इसके बाद HR&CE विभाग ने 10 अगस्त 2024 को एक आदेश जारी कर उन्हें “अमेरिकी ईसाई महिला” बताते हुए मंदिर के केवल बाहरी परिसर तक सीमित रहने की अनुमति दी। इसी आदेश को चुनौती देते हुए लॉरा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान अदालत ने HR&CE विभाग के इस निष्कर्ष को तथ्यात्मक रूप से गलत और अस्थिर बताया। न्यायालय ने कहा कि हिंदू धर्म ऐतिहासिक रूप से समावेशी और उदार परंपरा वाला धर्म है, जिसमें किसी व्यक्ति को हिंदू मानने के लिए किसी अनिवार्य धार्मिक समारोह या प्रमाण-पत्र की आवश्यकता नहीं होती।
कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान का आकलन उसके विश्वास, आचरण और जीवनशैली के आधार पर किया जाना चाहिए, न कि केवल उसके नाम या राष्ट्रीयता के आधार पर।
मंदिर में मिलेगा समान अधिकार
अपने अंतिम आदेश में अदालत ने कहा कि लॉरा फ्रांसिस अयंगर को हिंदू श्रद्धालु माना जाए और उन्हें मंदिर में पूजा-अर्चना सहित वे सभी अधिकार और दायित्व दिए जाएं, जो किसी अन्य हिंदू महिला श्रद्धालु को प्राप्त हैं।
मंदिर का महत्व
अभीष्ट वरदराज पेरुमल मंदिर तमिलनाडु के तंजावुर और तिरुवरूर जिलों के क्षेत्र में स्थित भगवान विष्णु को समर्पित एक प्राचीन एवं प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर अपनी धार्मिक मान्यता, पौराणिक महत्व और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता के लिए जाना जाता है।


