कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाने के उद्देश्य से बड़े स्तर पर अधिकारियों के प्रभार में फेरबदल किया गया है। निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश के तहत जोन कमिश्नरों, अभियंताओं और विभिन्न विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
नए आदेश के अनुसार कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जबकि कुछ को उनके पुराने दायित्वों से मुक्त करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस बदलाव का उद्देश्य निगम के विभिन्न विभागों में कामकाज को गति देना और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना बताया जा रहा है।
- वरिष्ठ अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियां
जारी आदेश के तहत अधीक्षण अभियंता भूषण राम उरांव को जैम पोर्टल, जल प्रदाय, भंडार, एनसीएपी, उद्यान, विद्युत, वाहन और भवन अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व सौंपा गया है।
वहीं अधीक्षण अभियंता सुरेश बरूआ को निर्माण, योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, डीएमएफ, सीएसआर, 15वें और 16वें वित्त आयोग, अमृत मिशन सहित आरटीआई से जुड़े प्रथम अपीलीय अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।
उपायुक्त नीरज कौशिक को भवन निर्माण अनुमति, राजस्व, अतिक्रमण, होर्डिंग, सीएम हेल्पलाइन, निर्वाचन, जनगणना, संपदा, उद्यान और डाटा सेंटर जैसे अहम विभागों का प्रभार सौंपा गया है।
इसके अलावा उपायुक्त पवन वर्मा को जनसूचना अधिकारी के साथ-साथ टेलीफोन व इंटरनेट व्यवस्था, लोक सेवा गारंटी, समाज कल्याण, खाद्य विभाग, जनदर्शन, महापौर की पाती, परिषद और एमआईसी से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है।
- जोन स्तर पर भी बड़ा बदलाव
नए आदेश के तहत विभिन्न जोनों में भी जिम्मेदारियां बदली गई हैं। कार्यपालन अभियंता तपनयोगी तिवारी को पंडित रविशंकर शुक्ल नगर जोन, एनके नाथ को कोसाबाड़ी जोन, अनिरुद्ध शुक्ला को सर्वमंगला नगर जोन, ए.पी. शुक्ला को बालको जोन और सुनील टांडे को टीपी नगर जोन का प्रभार सौंपा गया है।
सहायक अभियंता रुचि साहू को प्रभारी कार्यपालन अभियंता बनाते हुए कोरबा जोन का जोन कमिश्नर बनाया गया है। इसके अलावा कई अन्य सहायक एवं उप अभियंताओं के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है।
- अन्य अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां
नए आदेश में एमएल बरेठ, पीयूष राजपूत, राहुल मिश्रा, सोमनाथ डेहरे, आकाश अग्रवाल, मनीष यादव, अभय मिंज, विनोद गोंड़ और आशमा डहरिया सहित कई अधिकारियों को अलग-अलग जोनों और शाखाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- प्रशासनिक कसावट का उद्देश्य
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि यह फेरबदल कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और नागरिक सेवाओं में सुधार लाने के उद्देश्य से किया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि नई जिम्मेदारियों के साथ निगम के विकास कार्यों में तेजी आएगी और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी।


