रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और पिछले 48 घंटे से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राजधानी रायपुर, भिलाई, दुर्ग, बिलासपुर समेत कई शहरों में लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जबकि निचले इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राजधानी रायपुर के टाटीबंध, पुरानी बस्ती, शंकर नगर, देवेंद्र नगर और अन्य निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई कॉलोनियों में बारिश का पानी घरों तक पहुंच गया, जिससे लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हुआ। वहीं, भिलाई और दुर्ग के कई प्रमुख मार्गों पर पानी भर जाने से यातायात धीमा पड़ गया और वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसना पड़ा। कई जगहों पर दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जिससे लोगों को पैदल सफर करना पड़ा।
लगातार बारिश के कारण शहरों की जल निकासी व्यवस्था भी जवाब देती नजर आई। कई स्थानों पर नालियां ओवरफ्लो हो गईं, जिससे सड़कों पर पानी भर गया। बारिश के चलते बाजारों में भी भीड़ कम रही और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। स्कूल और कार्यालय जाने वाले लोगों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग ने प्रदेश के 8 जिलों में रेड अलर्ट जारी करते हुए अगले 24 घंटों के दौरान अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसूनी तंत्र के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में तेज बारिश का दौर अभी जारी रह सकता है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा और तेज हवाएं चलने की भी संभावना व्यक्त की गई है।
प्रशासन ने सभी जिला अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम और आपदा प्रबंधन की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं। पंपों के माध्यम से पानी निकालने का कार्य जारी है, वहीं संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को भी तैयार रखा गया है। नदी-नालों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि अत्यधिक बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से परहेज करें और नदी, नालों तथा पुल-पुलियों के पास जाने का जोखिम न उठाएं। बिजली गिरने और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए खुले स्थानों पर खड़े होने से भी बचने की सलाह दी गई है।
यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश का यही सिलसिला जारी रहता है, तो प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन एवं आपदा नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क करने की अपील की है।
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुआई को इससे लाभ मिलेगा। हालांकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने से आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आने वाले 24 से 48 घंटे प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।


