Friday, September 25, 2026

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रायपुर प्रेस क्लब पहुंचे आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय, SIR से लेकर VIP दर्शन और Gen Z आंदोलन पर रखी बात

रायपुर, 25 सितंबर 2026। कथावाचक आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय रायपुर प्रेस क्लब पहुंचे, जहां उन्होंने SIR, राजनीति में धर्म की भूमिका, मंदिरों में VIP दर्शन, गौवंश और Gen Z आंदोलन समेत कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। SIR को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव में दो पक्ष होते हैं और हारने वाला पक्ष कई तरह के सवाल उठाता है। उन्होंने EVM और मतदान केंद्रों को लेकर उठने वाले सवालों का भी जिक्र किया।

SIR के आरोपों पर क्या बोले आचार्य इन्द्रेश?

SIR को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों में जब किसी पक्ष को अपेक्षित परिणाम नहीं मिलता तो कई बार वोटिंग मशीन, मतदान केंद्र या EVM में गड़बड़ी जैसे सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि इतने वर्षों तक किसी व्यक्ति का प्रधानमंत्री पद पर बने रहना जनता और परिस्थितियों की स्वीकृति का संकेत माना जा सकता है।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब SIR और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस जारी है। इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।

मंदिरों में VIP दर्शन को लेकर रखी राय

मंदिरों में VIP और सामान्य दर्शन की व्यवस्था पर भी आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने अपनी बात रखी। उन्होंने तिरुपति बालाजी मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां VVIP लोगों को भी दर्शन के लिए इंतजार करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि अन्य मंदिरों में भी ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जहां आम श्रद्धालुओं और विशिष्ट लोगों के लिए अलग-अलग प्राथमिकता न हो। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति की मौजूदगी से भीड़ या भगदड़ की स्थिति बनने की आशंका हो, तो सुरक्षा के लिहाज से उसके लिए अलग दर्शन की व्यवस्था की जा सकती है।

‘राजनीति में धर्म हो, धर्म में राजनीति नहीं’

राजनीति और धर्म के संबंध को लेकर आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने कहा कि राजनीति में धर्म का प्रवेश होना चाहिए, लेकिन धर्म में राजनीति नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक राजनीति को नैतिक मूल्यों की जरूरत होती है, जबकि धर्म को राजनीतिक स्वार्थ से दूर रखा जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार राजनेता राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक आयोजनों और कथाओं का इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने इसे उचित नहीं बताया और कहा कि धार्मिक मंचों को राजनीतिक हितों से जोड़ने से बचना चाहिए।

गौ राष्ट्र की मांग पर भी बोले

गौ राष्ट्र बनाए जाने की मांग के सवाल पर आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने गौवंश संरक्षण को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पहले भारतीय कृषि व्यवस्था में गोबर का इस्तेमाल खाद के रूप में किया जाता था, लेकिन समय के साथ गौवंश के संरक्षण को लेकर कई चुनौतियां सामने आई हैं।

उन्होंने गौवंश की संख्या और गोहत्या से जुड़े कुछ आंकड़ों का भी उल्लेख किया। हालांकि, उनके द्वारा बताए गए आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत नहीं की। उन्होंने संतों और धार्मिक संगठनों की ओर से गौ संरक्षण को लेकर लगातार आवाज उठाए जाने की बात कही।

Gen Z आंदोलन पर पावर के इस्तेमाल का दिया उदाहरण

Gen Z के आंदोलनों को लेकर भी आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास शक्ति या प्रभाव होता है, उनके लिए उस शक्ति का सही इस्तेमाल करना जरूरी है।

उन्होंने बिजली का उदाहरण देते हुए कहा कि 440 वोल्ट की बिजली का इस्तेमाल प्रकाश के लिए किया जा सकता है, लेकिन उसका गलत इस्तेमाल नुकसान पहुंचा सकता है। इसी तरह सत्ता या प्रभाव का उपयोग समाज के हित में होना चाहिए।

उन्होंने Gen Z आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान राम मंदिर और सनातन धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियों के साथ प्रधानमंत्री के खिलाफ भी आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि अत्यधिक शक्ति मिलने पर व्यक्ति के व्यवहार में बदलाव आ सकता है और उसे अपनी भाषा तथा आचरण पर नियंत्रण रखना चाहिए।

रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित इस बातचीत के दौरान आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने अलग-अलग सामाजिक, धार्मिक और समसामयिक मुद्दों पर अपनी राय रखी। उनके बयानों में SIR और राजनीतिक मुद्दों के साथ मंदिर व्यवस्था, धर्म और राजनीति के संबंध तथा युवाओं के आंदोलनों पर भी जोर रहा।

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