ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने बड़ा राजनीतिक संकेत दिया है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो एंड सेंटर मार्ट में आयोजित ‘मिराकी’ कार्यक्रम में उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।चिराग पासवान ने बताया कि उत्तर प्रदेश इकाई जल्द ही सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का औपचारिक प्रस्ताव पार्टी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड को भेजेगी। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने और राज्य में जनाधार बढ़ाने के लिए पार्टी लगातार काम कर रही है।
गठबंधन पर अभी नहीं हुआ अंतिम फैसला
गठबंधन के सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि पार्टी चुनाव गठबंधन में लड़ेगी या अकेले, इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले महीनों में राजनीतिक परिस्थितियों और पार्टी की रणनीति को देखते हुए इस पर फैसला किया जाएगा।
बिहार जैसी सफलता की उम्मीद
चिराग पासवान ने विश्वास जताया कि जिस तरह बिहार में पार्टी ने अपनी मजबूत पहचान बनाई है, उसी तरह उत्तर प्रदेश में भी लोजपा (रामविलास) बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य प्रदेश में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना है।
राष्ट्रीय विस्तार पर भी फोकस
पार्टी के राष्ट्रीय विस्तार की योजना साझा करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि लोजपा (रामविलास) केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगी। पार्टी आगामी पंजाब और उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में भी सक्रिय रूप से हिस्सा लेने की तैयारी कर रही है। इसके लिए दोनों राज्यों में संगठनात्मक कार्यक्रम और कार्यकर्ता बैठकों का सिलसिला शुरू हो चुका है।
देशभर में मजबूत करने की रणनीति
चिराग पासवान ने दावा किया कि उनकी पार्टी की मौजूदगी कई राज्यों में लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड और नागालैंड में पार्टी के विधायक हैं, जबकि अरुणाचल प्रदेश और दमन-दीव सहित कई क्षेत्रों में संगठन तेजी से विस्तार कर रहा है। इसी रणनीति के तहत अब उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में पार्टी को मजबूत करने का अभियान चलाया जा रहा है।
मुख्य बातें
- उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी।
- राज्य इकाई जल्द केंद्रीय संसदीय बोर्ड को प्रस्ताव भेजेगी।
- गठबंधन पर फैसला आने वाले महीनों में होगा।
- बिहार की तर्ज पर यूपी में मजबूत प्रदर्शन का दावा।
- पंजाब, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में संगठन विस्तार पर जोर।


