रायपुर। जिले के शासकीय स्कूलों में बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए अब हर स्कूल में किचन गार्डन विकसित किए जाएंगे। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने शिक्षा विभाग की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जिले के सभी सरकारी स्कूलों में शत-प्रतिशत किचन गार्डन और शाला पोषण वाटिका तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि स्कूलों में विकसित होने वाले किचन गार्डन से बच्चों को ताजी और पौष्टिक फल-सब्जियां उपलब्ध हो सकेंगी। इससे प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (मिड-डे मील) के तहत दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और पोषण स्तर में सुधार आएगा।
- मिड-डे मील और न्योता भोजन की हुई समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना, न्योता भोजन और ‘प्रोजेक्ट आओ बांटे खुशियां’ सहित शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में मध्यान्ह भोजन योजना से जुड़े विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को पौष्टिक भोजन का लाभ मिल सके।
- भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष जोर
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने स्कूलों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता, मेन्यू में विविधता और साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भोजन तैयार करने से लेकर बच्चों को परोसने तक सभी स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके।
- छात्र हित की योजनाओं की भी हुई समीक्षा
समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, छात्र हित कार्यक्रमों और उनकी प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए बच्चों के शैक्षणिक और स्वास्थ्य विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन, जिला शिक्षा अधिकारी सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


