रायपुर। नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित 85 परिवारों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में नकटी से लोकभवन (राजभवन) तक लगभग 14 किलोमीटर लंबी ‘न्याय पदयात्रा’ निकाली। पदयात्रा में प्रभावित परिवारों के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।सुबह करीब 9 बजे शुरू हुई यह पदयात्रा नकटी गांव से वीआईपी रोड, पीटीएस चौक, माना, फुंडहर, राम मंदिर चौक और तेलीबांधा गौरव पथ होते हुए लोकभवन पहुंची। यात्रा के दौरान प्रभावित परिवारों ने हाथों में तख्तियां लेकर “नकटी में ही घर बनाकर दो” और “हमें गांव से बेदखल करना बंद करो” जैसे नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं और ग्रामीणों ने वीआईपी रोड पर सड़क किनारे सामूहिक भोजन भी किया।हालांकि पदयात्रा के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के पैर की पुरानी मोच उभर आने के कारण उन्हें बीच रास्ते से वाहन के माध्यम से लोकभवन पहुंचना पड़ा।
बैरिकेडिंग पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
मेक इन इंडिया चौक और तेलीबांधा क्षेत्र के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई। कुछ समय तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ।
राज्यपाल से मुलाकात नहीं होने पर धरना
लोकभवन पहुंचने के बाद कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात का इंतजार करता रहा। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि दो बार समय मांगे जाने के बावजूद राज्यपाल से मिलने का अवसर नहीं दिया गया। इसके विरोध में कांग्रेस नेताओं और प्रभावित परिवारों ने लोकभवन के सामने धरना शुरू कर दिया।
पुलिस के तीन जवान घायल
पुलिस के अनुसार, झड़प के दौरान एक थाना प्रभारी (टीआई) और दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सभी का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। साथ ही आरोप लगाया गया कि कुछ महिलाओं के पास पिन जैसी नुकीली वस्तुएं थीं, जिनसे पुलिसकर्मियों के हाथों में चोटें आईं। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है। कांग्रेस का कहना है कि जब तक नकटी के प्रभावित 85 परिवारों को न्याय नहीं मिलता और उनके पुनर्वास की व्यवस्था नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।


