नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के बीच कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन और संसद मार्च को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक आंदोलनों और छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।अखिलेश यादव ने CJP के प्रदर्शन को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार को युवाओं और छात्रों की समस्याओं को सुनना चाहिए, न कि उनके विरोध को दबाने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार के फैसलों में अहंकार दिखाई देता है और वह जनता की आवाज को नजरअंदाज कर रही है।
‘इतिहास से सबक लेने की जरूरत’
अखिलेश यादव ने कहा कि इतिहास में कई ऐसे उदाहरण मिलते हैं जब सत्ता के बल पर लोगों की आवाज दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों ने मंदिरों को नुकसान पहुंचाया, विश्वविद्यालयों को नष्ट किया और आंदोलन करने वालों को प्रताड़ित किया था। उनका आरोप है कि आज बीजेपी सरकार भी विरोध करने वालों के साथ इसी तरह का व्यवहार कर रही है।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन जनता का अधिकार है और सरकार को असहमति की आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र और युवा देश का भविष्य हैं, इसलिए उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
NEET पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर प्रदर्शन
गौरतलब है कि CJP ने NEET पेपर लीक, परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और देश में बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से संसद तक मार्च निकालने की घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।प्रदर्शन में छात्रों, प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के शामिल होने की बात कही गई है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त
संसद के मॉनसून सत्र और प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जंतर-मंतर, संसद मार्ग, सेंट्रल विस्टा और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई है।दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति किसी भी मार्च या जुलूस की इजाजत नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की है।
विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा
CJP प्रदर्शन के अलावा विपक्षी दल भी संसद के अंदर NEET पेपर लीक, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर हैं। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने छात्रों के मुद्दों को संसद में उठाने की तैयारी की है।अखिलेश यादव के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। आने वाले दिनों में संसद के मॉनसून सत्र में शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से छाए रहने की संभावना है।


