नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज का मुद्दा राज्यसभा में जोर-शोर से उठा। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि NEET पेपर लीक और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज को बल प्रयोग के जरिए दबाने की कोशिश की जा रही है। उनके बयान के बाद सदन में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके चलते कार्यवाही बाधित रही।
NEET और पेपर लीक पर सरकार को घेरा
राज्यसभा में बोलते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि देशभर से हजारों छात्र और अभिभावक जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर एकत्र हुए थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया।खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है, जबकि उन्हें न्याय और पारदर्शिता की मांग करने का लोकतांत्रिक अधिकार है।
संसद मार्च के दौरान बढ़ा तनाव
सोमवार को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन से जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जबकि पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया।हालांकि, प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग और कथित लाठीचार्ज को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
विपक्ष ने उठाए कई अहम मुद्दे
मॉनसून सत्र के पहले दिन विपक्ष ने NEET पेपर लीक, परीक्षाओं में कथित धांधली, राम मंदिर चढ़ावा मामले और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई। विपक्षी दलों ने इन विषयों पर विस्तृत चर्चा की मांग की और सरकार से जवाब मांगा।
हंगामे के बीच स्थगित हुई कार्यवाही
खरगे के बयान के बाद राज्यसभा में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जबकि सत्ता पक्ष ने आरोपों का विरोध किया। लगातार बढ़ते शोर-शराबे के कारण सभापति को पहले सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक और बाद में 12:30 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।संसद के पहले ही दिन छात्रों के प्रदर्शन, जंतर-मंतर की घटनाओं और NEET पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह तीखी बहस जारी रहने की संभावना है।


