रायपुर।छत्तीसगढ़ के रामनामी सम्प्रदाय पर बनी डॉक्यूमेंट्री को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने के बाद क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर ने सम्प्रदाय को बधाई देते हुए इसे श्रीराम भक्ति की अनूठी मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि रामनामी समाज का संघर्ष और समर्पण देश के लिए प्रेरणास्रोत है।
तोमर ने कहा कि रामनामी सम्प्रदाय ने वर्षों तक सामाजिक भेदभाव और मंदिरों में प्रवेश पर लगी पाबंदियों के बावजूद अपनी आस्था को कभी कमजोर नहीं होने दिया। समाज के लोगों ने अपने पूरे शरीर पर ‘राम-नाम’ का गोदना गुदवाकर, रामनामी वस्त्र धारण कर तथा अपने घरों की दीवारों पर राम-नाम अंकित कर यह संदेश दिया कि सच्ची भक्ति किसी भवन की मोहताज नहीं होती।
उन्होंने कहा कि रामनामी सम्प्रदाय का लगभग दो शताब्दियों का संघर्ष इस बात का प्रतीक है कि जब उन्हें भगवान श्रीराम के दर्शन-पूजन से वंचित किया गया, तब उन्होंने अपने तन और मन को ही श्रीराम का मंदिर बना लिया। उनके लिए हर सांस, हर शब्द और हर कर्म में केवल श्रीराम का नाम ही सर्वोपरि है।
इसी संदर्भ में वीरेन्द्र सिंह तोमर ने हाल के श्रीराम मंदिर चंदा घोटाले के आरोपों का उल्लेख करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि आस्था के नाम पर धन जुटाने वाले लोग रामनामी सम्प्रदाय की निस्वार्थ भक्ति और ईमानदारी से कुछ सीख लेते, तो श्रद्धालुओं की आस्था पर सवाल खड़े नहीं होते।
उन्होंने कहा, “रामनामी समाज ने त्याग, समर्पण और निष्काम भक्ति की ऐसी मिसाल पेश की है, जिससे हर व्यक्ति को प्रेरणा लेनी चाहिए। आस्था को कभी स्वार्थ और भ्रष्टाचार का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।”
अंत में करणी सेना ने रामनामी सम्प्रदाय को राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि उनकी संस्कृति, संघर्ष और भक्ति की परंपरा को देश-विदेश में और अधिक पहचान मिलेगी।


