रायपुर। मानसून के दौरान शहर में जलभराव की समस्या से निपटने और अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने के लिए रायपुर नगर निगम ने कड़ा रुख अपना लिया है। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर निगम की टीम ने पंडरी, सुखराम नगर और ब्रम्हदेईपारा सहित कई इलाकों में ताबड़तोड़ कार्रवाई की। इस दौरान कहीं नाले पर बने अवैध निर्माण को ढहाया गया, तो कहीं 3 एकड़ में फैली अवैध प्लाटिंग को मलबे में तब्दील कर दिया गया।
पंडरी कपड़ा बाजार: नाले पर कब्जा हटाने पहुंचा बुलडोजर
पंडरी कपड़ा बाजार स्थित ‘प्रकाश होलसेल मार्केट’ के सामने नाले पर किए गए अवैध निर्माण पर निगम का बुलडोजर चला।
- समस्या: प्रकाश साड़ी के संचालक मदन लोढ़ा ने दुकान के सामने नाले पर करीब 100 वर्गफीट का अवैध पाटा (स्लैब) बना लिया था।
- असर: इस कब्जे के कारण नाले की सफाई नहीं हो पा रही थी, जिससे बारिश के दौरान दुर्गा नगर बस्ती में जलभराव का खतरा गंभीर रूप से बढ़ गया था। निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी से इस अवैध पाटे को पूरी तरह से तोड़ दिया।
सुखराम नगर: 3 एकड़ की अवैध प्लाटिंग जमींदोज
अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जोन-1 नगर निवेश विभाग की टीम ने संत कबीर दास वार्ड-3 के सुखराम नगर में बड़ी स्ट्राइक की।
- यहाँ दो अलग-अलग स्थानों पर करीब 3 एकड़ क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी।
- निगम ने जेसीबी की मदद से अवैध रूप से बनाई गई मुरम सड़कों को उखाड़ दिया और प्लाटिंग स्थल तक पहुँचने के रास्ते बंद कर दिए।
- इसके साथ ही, प्लॉट की बाउंड्री के लिए खड़ी की गई अवैध नींव को भी ध्वस्त कर दिया गया।
कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी: नगर निगम ने संबंधित जमीन के असली मालिकों का पता लगाने के लिए रायपुर तहसीलदार को पत्र लिखा है। रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर (FIR) और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ब्रम्हदेईपारा: जलभराव रोकने के लिए हटाई झोपड़ियां
इसी अभियान के तहत वीर शिवाजी वार्ड-16 के ब्रम्हदेईपारा क्षेत्र में भी निगम ने कार्रवाई की। यहाँ नाले के पास किए गए अतिक्रमण और अवैध झोपड़ियों को हटाया गया, जो बारिश के पानी की निकासी में बड़ी बाधा बन रहे थे।
“कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी”
रायपुर नगर निगम प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान जनता को जलभराव की समस्या से बचाना उनकी पहली प्राथमिकता है। बिना अनुमति के किए गए अवैध कब्जों, नालों पर अतिक्रमण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार और सख्ती से जारी रहेगा।


