Saturday, July 25, 2026

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NEET पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ CJP का ‘चलो संसद’ मार्च, दिल्ली में हाई अलर्ट अभिजीत दिपके ने तोड़ा अनशन

नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन राजधानी दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) ने NEET पेपर लीक और देश में बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में सोमवार को ‘चलो संसद’ मार्च का ऐलान किया है। प्रस्तावित मार्च को देखते हुए संसद भवन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। इस बीच, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दिपके ने ढाई दिन का अनशन समाप्त कर दिया है, जबकि पार्टी प्रमुख सौरभ दास के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करने की संभावना जताई जा रही है।

जंतर-मंतर पर जुटे छात्र और अभ्यर्थी

19 जुलाई की शाम से ही देशभर से छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी और उनके अभिभावक दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचने लगे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं ने युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। प्रदर्शनकारी सरकार से निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

संसद मार्च पर पुलिस की सख्त निगरानी

दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संसद तक किसी भी प्रकार के मार्च या जुलूस की अनुमति नहीं दी गई है। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी सार्वजनिक सलाह में कहा कि किसी भी अनधिकृत मार्च की अनुमति नहीं है और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

धारा 163 लागू, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

संसद के मॉनसून सत्र और प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने और बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध रहेगा।दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर, संसद मार्ग, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और शंकर चौक सहित संवेदनशील इलाकों में थ्री-टियर सुरक्षा ग्रिड तैयार किया है। इसमें दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है, जबकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीमें भी अलर्ट मोड में हैं।

कानून का पालन करने की अपील

पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे कानून और निषेधाज्ञा का पालन करें तथा किसी भी अनधिकृत मार्च या प्रदर्शन का हिस्सा न बनें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।संसद के मॉनसून सत्र के साथ शुरू हुए इस आंदोलन पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच बातचीत का क्या परिणाम निकलता है और NEET पेपर लीक तथा बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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