नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत सोमवार को जोरदार हंगामे के साथ हुई। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की और सदन के वेल में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। लगातार हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी, जबकि राज्यसभा में भी विपक्ष के विरोध के कारण कार्यवाही प्रभावित रही।
नीट पेपर लीक पर चर्चा की मांग
विपक्षी दलों ने नीट पेपर लीक मामले पर तत्काल चर्चा कराने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, इसलिए सरकार को इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए।
पीएम मोदी ने की सार्थक चर्चा की अपील
सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए सभी दलों से सकारात्मक और सार्थक चर्चा की अपील की। उन्होंने कहा कि देश महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद से गंभीर विमर्श की अपेक्षा करता है और उम्मीद जताई कि मॉनसून सत्र जनहित के विषयों पर प्रभावी चर्चा का मंच बनेगा।
सरकार छह विधेयक पेश करने की तैयारी में
मॉनसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को संसद में पेश करने की तैयारी में है। सरकार की प्राथमिकता में ‘वंदे मातरम’ सहित छह प्रमुख विधेयक शामिल बताए जा रहे हैं, जिन पर इस सत्र में चर्चा और पारित कराने की कोशिश होगी।
विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरेगा
नीट पेपर लीक के अलावा विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी, इथेनॉल नीति, सोनम वांगचुक से जुड़े मुद्दे और अन्य जनहित के विषयों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। ऐसे में पूरे मॉनसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस और टकराव देखने को मिल सकता है।
जंतर-मंतर से संसद मार्च पर कड़ी सुरक्षा
संसद के पहले दिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों के प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर भी राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। दिल्ली पुलिस ने मार्च की अनुमति नहीं दी है, बावजूद इसके प्रदर्शनकारियों के जुटने की संभावना को देखते हुए जंतर-मंतर से संसद परिसर तक अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।मॉनसून सत्र के पहले ही दिन जिस तरह विपक्ष ने आक्रामक रुख अपनाया है, उससे संकेत मिल रहे हैं कि आगामी दिनों में संसद में कई अहम मुद्दों पर तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिलेगी।


