कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कथित वसूली के मामलों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सख्त रुख अपनाया है। शहरी विकास एवं नगर पालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने स्पष्ट किया है कि यदि पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता या नेता वसूली या अवैध उगाही में शामिल पाया जाता है, तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने इस मुद्दे पर अपनी नीति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि न तो पार्टी और न ही राज्य सरकार किसी भी आरोपी को संरक्षण देगी। भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल में शामिल होने से पहले लोगों की पूरी तरह जांच संभव नहीं होती। “हम किसी को पार्टी में शामिल करने से पहले डिटर्जेंट या वॉशिंग मशीन में धोकर नहीं लाते। वे भी इंसान हैं। लेकिन अब जब भाजपा सरकार में है, तो यदि कोई व्यक्ति सत्ता का गलत फायदा उठाकर अवैध तरीके से पैसा कमाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।”
मंत्री ने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। “हम पिछली सरकार की तरह नहीं हैं। जो कहते हैं, वही करते हैं।” उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अवैध गतिविधियों की शिकायत दर्ज कराने के लिए चार विशेष हेल्पलाइन भी शुरू की हैं, ताकि आम लोग बिना किसी डर के शिकायत कर सकें।
गौरतलब है कि इससे पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और पंचायत मंत्री दिलीप घोष भी पार्टी कार्यकर्ताओं को इसी तरह की चेतावनी दे चुके हैं। लगातार आ रहे इन बयानों से साफ संकेत मिल रहा है कि भाजपा नेतृत्व कथित वसूली और भ्रष्टाचार के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के पक्ष में है।
अभिषेक बनर्जी पर भी साधा निशाना
मंत्री अग्निमित्रा पाल ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के अमेरिका जाकर आंखों के इलाज कराने के मुद्दे पर भी तंज कसा। उन्होंने सवाल उठाया कि विदेश यात्रा के पीछे कहीं कोई और वजह तो नहीं है। उन्होंने कहा, “क्या वह सिर्फ इलाज के लिए जा रहे हैं या इसके पीछे कोई और कारण है?”
मंत्री ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि इलाज के लिए आर्थिक सहायता की जरूरत हो तो भाजपा सरकार आयुष्मान भारत योजना के तहत उनका इलाज कराने की व्यवस्था भी कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अस्पताल में बेड साझा करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
भाजपा का संदेश स्पष्ट
भाजपा नेतृत्व लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि पार्टी में भ्रष्टाचार, वसूली और सत्ता के दुरुपयोग के लिए कोई जगह नहीं है। पार्टी का दावा है कि यदि कोई भी कार्यकर्ता या नेता ऐसे मामलों में दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी।


