रायपुर। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) रायपुर द्वारा आयोजित पांच दिवसीय गुजरात अध्ययन दौरे में छत्तीसगढ़ के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने भारत की ऐतिहासिक विरासत, आधुनिक अधोसंरचना और भविष्य की महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस अध्ययन यात्रा का उद्देश्य मीडिया प्रतिनिधियों को देश में तेजी से विकसित हो रहे विभिन्न क्षेत्रों की जमीनी जानकारी उपलब्ध कराना था, ताकि वे विकास कार्यों और राष्ट्रीय परियोजनाओं को व्यापक दृष्टिकोण से समझ सकें।
दौरे की शुरुआत अहमदाबाद स्थित ऐतिहासिक कोचरब आश्रम से हुई, जहां प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन, उनके विचारों और स्वतंत्रता आंदोलन में निभाई गई उनकी महत्वपूर्ण भूमिका से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं। आश्रम में गांधीजी के सादगीपूर्ण जीवन, स्वावलंबन और सत्य-अहिंसा के सिद्धांतों को विस्तार से समझाया गया।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने आनंद स्थित विश्व प्रसिद्ध अमूल डेयरी का दौरा किया। यहां अधिकारियों ने सहकारिता मॉडल, आधुनिक डेयरी प्रबंधन, दुग्ध उत्पादन की प्रक्रिया तथा किसानों की आर्थिक भागीदारी और सशक्तिकरण पर विस्तार से जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने जाना कि किस प्रकार अमूल मॉडल ने देशभर के लाखों दुग्ध उत्पादकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।
यात्रा के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने लोथल में विकसित हो रहे राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (National Maritime Heritage Complex) का भी भ्रमण किया। यहां सिंधु घाटी सभ्यता की प्राचीन समुद्री विरासत, ऐतिहासिक व्यापारिक गतिविधियों तथा भारत की समुद्री परंपराओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किए जा रहे स्वरूप से परिचित कराया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने भारत की महत्वाकांक्षी मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना के निर्माण कार्यों का भी अवलोकन किया। परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने हाई-स्पीड रेल तकनीक, निर्माण प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों तथा भविष्य में देश के परिवहन क्षेत्र में होने वाले बदलावों पर विस्तृत जानकारी साझा की।
आधुनिक भारत के तकनीकी भविष्य को समझने के उद्देश्य से प्रतिनिधिमंडल ने सैनंद में विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र का भी दौरा किया। विशेषज्ञों ने बताया कि यह परियोजना भारत को वैश्विक चिप निर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, निवेश तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
गांधीनगर स्थित GIFT City (Gujarat International Finance Tec-City) में प्रतिनिधिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSCA) की कार्यप्रणाली को करीब से समझा। अधिकारियों ने बैंकिंग, बीमा, फंड मैनेजमेंट, फिनटेक, वैश्विक निवेश और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवाओं के विभिन्न आयामों पर प्रस्तुति देते हुए बताया कि GIFT City का उद्देश्य भारत को वैश्विक वित्तीय सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाना है।
अध्ययन दौरे के अंतिम चरण में प्रतिनिधिमंडल ने एकतानगर स्थित विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भ्रमण किया। यहां सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, भारतीय रियासतों के एकीकरण में उनकी ऐतिहासिक भूमिका तथा पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी आज देश के प्रमुख पर्यटन और सांस्कृतिक आकर्षणों में शामिल हो चुकी है।
पांच दिवसीय इस अध्ययन दौरे के माध्यम से मीडिया प्रतिनिधियों को भारत की सांस्कृतिक विरासत, सहकारिता आंदोलन, आधुनिक अधोसंरचना, सेमीकंडक्टर निर्माण, हाई-स्पीड रेल, वैश्विक वित्तीय सेवाओं और पर्यटन विकास जैसी विविध राष्ट्रीय पहलों को निकट से समझने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने इसे ज्ञानवर्धक, उपयोगी और नए भारत के विकास मॉडल को समझने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण अनुभव बताया।


