नई दिल्ली: संसद से खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पारित होने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। संजय सिंह ने इस विधेयक की तुलना किसानों के खिलाफ लाए गए कृषि कानूनों से करते हुए इसे ‘देश का नया काला कानून’ करार दिया।
‘राज्यों के अधिकार छीनना चाहती है केंद्र सरकार’
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि इस कानून के जरिए केंद्र सरकार राज्यों के खनिज संसाधनों पर अपना नियंत्रण बढ़ाना चाहती है। उनका दावा है कि इससे खनिज संपदा वाले राज्यों के राजस्व और उनके अधिकारों पर असर पड़ेगा।
दरअसल, संशोधन विधेयक में राज्यों की ओर से खनिज अधिकारों या खनिज वाली जमीन पर टैक्स, सेस और अन्य शुल्क लगाने की शक्तियों पर अंकुश लगाने का प्रावधान है।
‘कृषि कानूनों जैसा होगा विरोध’
AAP सांसद ने इस बिल को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे किसानों से जुड़े तीन कृषि कानूनों की तरह बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह कृषि कानूनों को लेकर देशभर में बड़ा आंदोलन हुआ था, उसी तरह इस मुद्दे पर भी राज्यों और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
संजय सिंह का आरोप है कि केंद्र का यह कदम देश के संघीय ढांचे को कमजोर करने वाला है और राज्यों के खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकारों में दखल बढ़ाता है।
संसद में विपक्ष का विरोध
MMDR संशोधन विधेयक को लेकर संसद में विपक्षी दलों ने भी विरोध जताया। लोकसभा में यह विधेयक 12 अगस्त 2026 को पारित हुआ, जबकि रिपोर्टों के मुताबिक इसे लेकर विपक्ष ने चर्चा की मांग की थी। बाद में राज्यसभा ने भी विधेयक को मंजूरी दे दी।
सरकार की ओर से विधेयक का उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और उत्पादन को बढ़ावा देना तथा खनन क्षेत्र में निवेश को आसान बनाना बताया गया है।
ऐसे में संजय सिंह के ‘काला कानून’ वाले बयान के बाद खनिज संसाधनों, राज्यों के अधिकार और केंद्र-राज्य संबंधों को लेकर सियासी बहस और तेज होने के आसार हैं।


