राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने एक बार फिर आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। गुरुवार सुबह EOW की अलग-अलग विशेष टीमों ने राजनांदगांव जिले में अचानक बड़ी दबिश दी। यह कार्रवाई माइनिंग (खनन) कारोबारियों और सरकारी विभागों में विभिन्न सामग्रियों की सप्लाई करने वाले बड़े सप्लायरों के ठिकानों पर की गई है। अहले सुबह हुई इस अचानक कार्रवाई से स्थानीय व्यापारिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
प्रमुख ठिकाने और कार्रवाई का दायरा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, EOW की टीमों ने शहर के दो प्रमुख इलाकों को मुख्य रूप से अपने दायरे में लिया है:
- सत्यम विहार कॉलोनी: गंज चौक के पास स्थित इस पॉश कॉलोनी में एक कारोबारी के आवास और दफ्तर पर टीम ने सुबह-सुबह दस्तक दी।
- कामठी लाइन: शहर के व्यस्त इलाके कामठी लाइन में भी एक अन्य कारोबारी के ठिकाने पर कार्रवाई जारी है।
इन सभी ठिकानों पर EOW के अधिकारी दस्तावेजों, कंप्यूटर डेटा, लैपटॉप और वित्तीय लेन-देन से जुड़े अन्य अहम रिकॉर्ड को खंगाल रहे हैं।
किस मामले में हो रही है जांच?
शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई मुख्य रूप से दो बड़े सेक्टरों से जुड़ी कथित गड़बड़ियों पर आधारित है:
- माइनिंग कारोबार: खनन से जुड़े राज्यादस्य, रॉयल्टी और अन्य वित्तीय मामलों में नियमों की अनदेखी या बड़े पैमाने पर हेरफेर की आशंका।
- सरकारी सप्लाई चेन: विभिन्न सरकारी विभागों में टेंडर हासिल कर बड़े पैमाने पर की गई सप्लाई और उसमें बरती गई अनियमितताओं के शिकंजे में ये कारोबारी फंसे बताए जा रहे हैं।
आधिकारिक बयान का इंतजार
कार्रवाई अभी भी जारी है, और EOW के अधिकारियों ने गोपनीयता बनाए रखते हुए फिलहाल मीडिया के सामने कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
सूत्रों का कहना है कि छापेमारी की यह कार्रवाई लंबी चल सकती है। टीम द्वारा मौके से कई डिजिटल सबूत, बैंक पासबुक, प्रॉपर्टी के कागजात और लेनदेन से जुड़ी डायरियों को जब्त किए जाने की संभावना है। जांच प्रक्रिया पूरी होने और् दस्तावेजों का मिलान करने के बाद ही EOW इस हाई-प्रोफाइल मामले में आधिकारिक तौर पर बड़े खुलासे करेगी।


